डॉक्टर अब अपनी डिग्री किराए पर नहीं दे पाएंगे, एक अप्रैल से होगी सख्ती
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डॉक्टर अब अपनी डिग्री किराए पर नहीं दे पाएंगे, एक अप्रैल से होगी सख्ती
आगरा। डॉक्टर अब अपनी डिग्री किराये पर नहीं दे पाएंगे। एक डॉक्टर के नाम पर ही एक हॉस्पिटल संचालित होगा। स्वास्थ्य विभाग एक अप्रैल से सख्ती करने जा रहा है। इसमें विभाग ऐसे डॉक्टरों पर नजर रखेगा। अल्ट्रासाउंड सेंटर और लैब की संख्या भी सीमित कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल कई ऐसे मामलों में छापेमारी की थी, जहां एक ही डॉक्टर के नाम पर कई हॉस्पिटल संचालित होते मिले थे। ऐसे केसों की संख्या लगभग पचास थी। हॉस्पिटल और लैब सील की गई थीं। अब इन पर रोकथाम के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया, एक अप्रैल से हॉस्पिटल, लैब और अल्ट्रासाउंड सेंटर के रिन्युअल की प्रक्रिया शुरू हो रही है। एक डॉक्टर के नाम से एक ही रजिस्ट्रेशन होगा। डॉक्टर एक से अधिक हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं नहीं दे सकते हैं। अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए भी नियम बनाया गया है कि एक डॉक्टर के नाम पर दो सेंटर हो सकते हैं। एक डॉक्टर के नाम पर तीन पैथोलॉजी लैब का रजिस्ट्रेशन हो सकता है। पैथोलॉजी लैब के लिए डॉक्टर्स को पूरा ब्योरा देना होगा कि वह किस समय किस लैब में उपस्थित रहेंगे। शपथ पत्र के साथ यह ब्योरा देना होगा। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट की एनओसी, प्रदूषण बोर्ड की एनओसी सहित अन्य एनओसी का ब्योरा और हॉस्पिटल में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी देनी होगी। आईसीयू के मानक भी पूरे करने होंगे। आईसीयू में 24 घंटे एक डॉक्टर उपलब्ध रहेगा। पैरामेडिकल स्टाफ भी प्रशिक्षित होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले निरीक्षण करेगी, उसके बाद रिन्युअल किया जाएगा।
विभाग ने आठ डॉक्टरों को नोटिस दिया है। इन आठ डॉक्टरों के नाम पर दो से अधिक अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहे थे। नोटिस देने के बाद डॉक्टरों से ब्योरा मांगा गया है कि वे किन दो सेंटर्स पर सुविधा चाहते हैं। ऐसे सभी सेंटर्स का रिन्युअल नहीं होगा, जिनकी जानकारी डॉक्टर्स द्वारा नहीं दी जाएगी।